बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय जनता दल के लिए एक बड़े बदलाव का संकेत देते हुए, लालू प्रसाद यादव ने अपने बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस बात की घोषणा पार्टी ने अपने ऑफिशियल X हैंडल पर करते हुए लिखा, “एक नए युग की शुरुआत! तेजस्वी यादव जी को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।”
यह घोषणा नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग में की गई।यह अहम फैसला RJD की नेशनल एग्जीक्यूटिव मीटिंग के उद्घाटन सत्र के दौरान लिया गया। बिहार के दोनों पूर्व मुख्यमंत्री, लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी, मंच पर मौजूद थे। लालू यादव ने खुद तेजस्वी को अपॉइंटमेंट लेटर सौंपा। हालांकि लालू के बाद तेजस्वी को हमेशा पार्टी का मुख्य चेहरा माना जाता रहा है, लेकिन इस नियुक्ति के साथ, अब उन्होंने औपचारिक रूप से परिवार और पार्टी की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल ली है।
क्रिकेटर से राजनेता बनने तक का सफ़रतेजस्वी यादव का करियर बहुत दिलचस्प रहा है। राजनीति में आने से पहले, वह एक उभरते हुए क्रिकेटर थे और इंडियन प्रीमियर लीग में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेले थे। उनके नेतृत्व में, RJD 2020 के बिहार विधानसभा चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, और उन्होंने नीतीश कुमार सरकार में उपमुख्यमंत्री के रूप में भी काम किया।
भविष्य की चुनौतियाँराजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला पार्टी को नई और युवा लीडरशिप देने के लिए लिया गया था। हालांकि, उनकी कड़ी मेहनत के बावजूद, हाल के चुनावों में RJD तीसरे स्थान पर खिसक गई, क्योंकि BJP और JDU गठबंधन ज़्यादा मज़बूत साबित हुआ। अपनी नई स्थिति के साथ, तेजस्वी यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपनी पार्टी को बिहार में नंबर एक की स्थिति में वापस लाना और विरोधी पार्टियों का मुकाबला करना होगा।
