कार्यक्रम की शुरुआत से पूर्व बाबा साहब डॉ0 भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष मा0 श्री प्रमोद तिवारी, उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना, सांसद तनुज पुनिया एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता, पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह ने पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।*बाबा साहब डॉ0 भीमराव अम्बेड़कर जी के परिनिर्वाण दिवस के मौके पर आयोजित स्मृति सभा में संबोधित करते हुए राज्यसभा में उपनेता प्रतिपक्ष प्रमोद तिवारी ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हमें संविधान की मूल भावना-समता, स्वतंत्रता और बंधुता को मजबूत करने का संदेश देता है। आज के समय में उनके विचार और भी ज्यादा प्रासंगिक हैं, जब समाज में भाईचारा, संवैधानिक अधिकारों की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को संजोने की आवश्यकता पहले से अधिक है। उनके संघर्ष, त्याग और दूरदर्शिता ने भारत को एक आधुनिक, न्यायपूर्ण और समानता पर आधारित राष्ट्र के रूप में स्थापित किया।प्रमोद तिवारी ने कहा कि हम सभी को बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलते हुए उनके आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना होगा तथा संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध होना होगा यही हम सभी की ओर से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।बाबा साहब डॉ0 भीमराव अंबेडकर जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के चेयरमैन, सांसद तनुज पुनिया जी ने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने भारत में दलितों के उत्थान, सम्मान, अधिकार और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए ऐतिहासिक, बहुआयामी और क्रांतिकारी कार्य किए। उन्होंने न केवल सामाजिक आंदोलन खड़ा किया, बल्कि कानून, शिक्षा, राजनीति और संगठनात्मक प्रयासों से दलितों के जीवन को नई दिशा दी।पुनिया ने कहा कि बाबा साहब ने दलित समुदाय के युवाओं को पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति, छात्रावास, और मार्गदर्शन मुहैया कराया। वह स्वयं उच्च शिक्षा के प्रतिमान बने और समाज को बताया कि शिक्षा ही समानता का असली हथियार है।पुनिया ने कहा कि मजदूरों के अधिकार, न्यूनतम मजदूरी, श्रमिक सुरक्षा, और श्रम कानूनों को मजबूत करने में बाबा साहब की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षा, नौकरियों एवं राजनीति में आरक्षण, जैसे प्रावधान सुनिश्चित किए, ताकि सदियों से वंचित समुदाय को अवसर और सम्मान मिल सके।सांसद तनुज पुनिया ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का जीवन दलितों के उत्थान की गाथा है। उन्होंने सत्ता, समाज और संरचना तीनों स्तरों पर बदलाव की लड़ाई लड़ी। उनका योगदान भारत में दलितों को सम्मान, समान अधिकार, शिक्षा, राजनीतिक शक्ति और आत्मसम्मान दिलाने की नींव है।स्मृति सभा में सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर सिर्फ संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता, मानवाधिकार और शिक्षा के सबसे बड़े पुरोधा थे। उन्होंने भारत के कमजोर, वंचित और वंचित समुदायों को सम्मान, अधिकार और पहचान दिलाने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।आज की स्मृति सभा में राष्ट्रीय प्रवक्ता पूर्व विधायक अखिलेश प्रताप सिंह, रिटायर्ड आईएएस अनीस अंसारी, पूर्व मंत्री राजबहादुर, वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ0 लालती देवी आदि ने भी संबोधित किया।इस मौके पर पूर्व विधायक श्याम किशोर शुक्ला, निवर्तमान प्रदेश महासचिव मुकेश सिंह चौहान, जिला कांग्रेस कमेटी लखनऊ के अध्यक्ष रूद्र दमन सिंह बबलू, प्रमोद सिंह, वरिष्ठ कांग्रेस नेता द्विजेन्द्र त्रिपाठी, रमेश मिश्रा, पुष्पेन्द्र श्रीवास्तव, अली आसिफ जमा रिज़वी, डॉ0 अमित राय, सिद्धिश्री, संजय शर्मा, विकास श्रीवास्तव, गिरिजाशंकर अवस्थी, सुभाष श्रीवास्तव, सुशील बाल्मीकि, तीर्थराज मिश्रा, विनोद मिश्रा, जितेन्द्र वर्मा, नितान्त सिंह नितिन, के0डी0 शुक्ला, डॉ0 इमरान, अयूब सिद्दीकी, ओम प्रकाश सैनी सहित भारी संख्या में उपस्थित कांग्रेसजनों ने बाबा साहब डॉ0 भीमराव अम्बेड़कर जी को श्रद्धासुमन अर्पित किए।


