19-21 नवंबर तक आयोजित होने वाले दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का आयोजन तमिलनाडु प्राकृतिक कृषि हितधारक मंच द्वारा किया जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य टिकाऊ, पर्यावरण के अनुकूल और रसायन-मुक्त कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और भारत के कृषि भविष्य के लिए एक व्यवहार्य, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से टिकाऊ मॉडल के रूप में प्राकृतिक एवं पुनर्योजी कृषि की ओर बदलाव को गति प्रदान करना है।यह शिखर सम्मेलन किसान-उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए बाज़ार संपर्क बनाने पर भी केंद्रित होगा, साथ ही जैविक आदानों, कृषि-प्रसंस्करण, पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग और स्वदेशी तकनीकों में नवाचारों को प्रदर्शित करेगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के 50,000 से अधिक किसान, प्राकृतिक कृषि व्यवसायी, वैज्ञानिक, जैविक आदान आपूर्तिकर्ता, विक्रेता और हितधारक इस आयोजन में भाग लेंगे।19-21 नवंबर तक आयोजित होने वाले दक्षिण भारत प्राकृतिक कृषि शिखर सम्मेलन 2025 का आयोजन तमिलनाडु प्राकृतिक कृषि हितधारक मंच द्वारा किया जा रहा है। इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य टिकाऊ, पर्यावरण-अनुकूल और रसायन-मुक्त कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और भारत के कृषि भविष्य के लिए एक व्यवहार्य, जलवायु-अनुकूल और आर्थिक रूप से टिकाऊ मॉडल के रूप में प्राकृतिक एवं पुनर्योजी खेती की ओर बदलाव को गति प्रदान करना है।शिखर सम्मेलन में किसान-उत्पादक संगठनों और ग्रामीण उद्यमियों के लिए बाज़ार संपर्क बनाने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा, साथ ही जैविक आदानों, कृषि-प्रसंस्करण, पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग और स्वदेशी तकनीकों में नवाचारों का प्रदर्शन भी किया जाएगा। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के 50,000 से अधिक किसान, प्राकृतिक कृषि व्यवसायी, वैज्ञानिक, जैविक आदान आपूर्तिकर्ता, विक्रेता और हितधारक इस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
